जख्मी दिल लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मार्च 14, 2024 " बड़े ही बदनसीब निकले हम, जिसको भी दिल से चाहा, वो ही हमारे जख्मी निकले ." क्षमा चंदेल लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ EarlyGeet55514 मार्च 2024 को 10:12 am बजेGood 👍जवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंटिप्पणी जोड़ेंज़्यादा लोड करें... एक टिप्पणी भेजें
पापा मार्च 15, 2024 पापा अमूल्य है, बहुमूल्य है। पापा के बराबर न कोई समतुल्य है पापा जान है, अभिमान है, पापा से बनी होती हमारी शान है। पापा जहा है दो जहा है , ... और पढ़ें
मंजिल की चाह मार्च 10, 2024 "जो देखता है सपने, अपनी मंजिल सजाने का, उस पर समाज के रीति-रिवाजों का , कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहता है लूट लू खजाना ज्ञान का, ... और पढ़ें
मुस्कुराहट मार्च 19, 2024 चेहरे पर मुस्कुराहट तो, गम में भी आ जाती है। असल ख़ुशी तो वह होती है, जो दूसरे की आँखों में चमक लाती है। और पढ़ें
Good 👍
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